Rajasthan Samagra Shiksha AEN JEN Bharti 2021 Notification

Rajasthan Samagra Shiksha AEN JEN Bharti 2021 Notification

Rajasthan Samagra Shiksha AEN JEN Bharti 2021 Notification Apply Online form: राजस्थान समग्र शिक्षा के अंतर्गत राजस्थान के प्रत्येक ब्लाक और जिला स्तर पर सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के पदों के लिए नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है राजस्थान समग्र शिक्षा के अंतर्गत सहायक अभियंता के कुल 17 पद और कनिष्ठ अभियंता के कुल 90 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है भर्ती के लिए पदों का वर्ग वार विवरण जारी कर दिया गया है जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से 12 जुलाई से 16 जुलाई 2021 तक किए जा सकते हैं भर्ती के लिए योग्यता आयु सीमा पदों की संख्या ऑफिशल नोटिफिकेशन नीचे दिया गया है।

Rajasthan Samagra Shiksha AEN JEN Bharti 2021 Notification Apply Online form

Rajasthan Samagra Shiksha AEN JEN Bharti 2021 Important Dates

Online Application Start12/07/2021
Last Date for Apply Online16/07/2021
Fee Payment Last Date16/07/2021
Exam DateNotified Soon
  • शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, वेतन तथा अन्य विवरणों की विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर देखें.

Rajasthan Samagra Shiksha AEN JEN Vacancy 2021 Details

  • सहायक अभियंता : 17 पद
  • कनिष्ठ अभियंता : 90 पद

Rajasthan Samagra Shiksha AEN JEN Bharti 2021 Educational Qualification

राजस्थान समग्र शिक्षा AEN JEN भर्ती 2021: निचे देखे-

Assistant Engineers (सहायक अभियंता) :-

● जल संसाधन , सार्वजनिक निर्माण , जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी , कृषि , ज . ग्र.वि. एवं भू संरक्षण , कृषि विपणन बोर्ड , ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग , सार्वजनिक उपक्रम तथा स्वायत्त संस्थाएं ( पंजीकृत ) इत्यादि विभागों में कार्यरत सिविल / कृषि अभियांत्रिकी में स्नातक या डिप्लोमाधारी सहायक अभियंता / समकक्ष अभियंता.

● राज्य सरकार से सेवानिवृत्त सहायक अभियंता या उच्च पद से सेवानिवृत्त अभियन्ता जो सिविल / कृषि अभियांत्रिकी में स्नातक या डिप्लोमाधारी हो एवं जिसकी आय 65 वर्ष से अधिक नहीं हो. राजस्थान सरकार , कार्मिक ( क -2 ) विभाग के परिपत्र दिनांक : 08.02 . 2018 ( राज्य सरकार द्वारा समय – समय पर जारी ) के अनुसार जो राजस्थान सरकार की वेबसाईट http://www.dop.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है.

Junior Engineers (कनिष्ठ अभियंता) :-

● जल संसाधन , सार्वजनिक निर्माण , जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी , कृषि , ज . ग्र.वि. एवं भू संरक्षण , कृषि विपणन बोर्ड , ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग , सार्वजनिक उपक्रम तथा स्वायत्त संस्थाएं ( पंजीकृत ) इत्यादि विभागों में कार्यरत सिविल / कृषि अभियांत्रिकी में स्नातक या डिप्लोमाधारी कनिष्ठ अभियंता / समकक्ष अभियंता.

● राज्य सरकार / सार्वजनिक उपक्रम / स्वायत्त संस्थाएं ( पंजीकृत ) में कार्यरत सिविल / कृषि अभियांत्रिकी में स्नातक या डिप्लोमाधारी प्रयोगशाला सहायक , शिक्षक , कनिष्ठ सहायक , वरिष्ठ सहायक एवं अन्य.

Rajasthan Samagra Shiksha AEN JEN Recruitment 2021

Selection Process : Rajasthan Samagra Shiksha के सभी अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन साक्षात्कार आयोजित करवाया जायेगा जो 22 जुलाई से 23 जुलाई 2021 के मध्य आयोजित होंगे , पात्र उम्मीदवारों को साक्षात्कार सम्बंधित जानकारी उम्मीदवार के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर भेज दी जाएगी

Rajasthan Samagra Shiksha bharti 2021 Important Links

राजस्थान समग्र शिक्षा AEN JEN भर्ती 2021

Apply Online12 July to 16 July 2021
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Samagra Shiksha Abhiyan:

समग्र शिक्षा अभियानयह केन्द्र प्रवर्तित व्यापक कार्यक्रम है जो विद्यालय तक सुगम पहुँच तथा बेहतर अधिगम परिणामों के समान अवसर उपलब्ध करवाने व विद्यालयी शिक्षा में सुधार के व्यापक लक्ष्यों को सामने रख पूर्व प्राथमिक से बारहवीं कक्षा स्तर को समग्र रूप से समाहित कर शुरू किया गया है। Samagra Shiksha Abhiyan ,सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए), राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (RMAS) और शिक्षक शिक्षा (टीई) की तीन योजनाओं को समेकित करती है। समग्र शिक्षा के संचालन हेतु राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् (RCSCE) का गठन किया गया है जिसका पंजीयन दिनांक 03.09.2020 को करवाया गया है।

केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के युक्तीकरण पर अक्टूबर, 2015 में प्राप्त मुख्यमंत्रियों के समूह की सिफारिशों के अनुसार, केन्द्र और राजस्थान के बीच योजना के लिए फंड शेयरिंग पैटर्न वर्तमान में 60:40 के अनुपात में है।

यह योजना पूर्व प्राथमिक, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक ‘निरंतरता के रूप में विद्यालय‘ की परिकल्पना करती है तथा विद्यालयी शिक्षा के विभिन्न कक्षा स्तरों में अंतरण दर में सुधार करने और बच्चों को विद्यालयी शिक्षा पूरी करने के लिए सार्वभौमिक पहुँच को बढ़ावा देने में सहायता करती है। शिक्षा के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) के अनुसार पूर्व प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक समावेशी और समान गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करते हुए निम्न लक्ष्यों को इस योजना में प्राप्त किया जाना है :-

  1. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के सीखने के परिणामों को बढ़ाने के प्रावधान करना।
  2. विद्यालयों में सोशल और जेंडर गैप को कम करना।
  3. सभी स्तरों पर समानता और समावेशी विकास को सुनिश्चित करना।
  4. व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना।
  5. निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के क्रियान्वयन में सहायक।
  6. शिक्षक प्रशिक्षण के लिए नोडल एजेंसियों के रूप में SCERT/ DIET के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन।
  7. खेल और शारीरिक शिक्षा को प्रोत्साहन।
  8. शिक्षक शिक्षा और प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाना।

आदर्श विद्यालय योजना

Rajasthan Samagra Shiksha प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर एक उच्च माध्यमिक/माध्यमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रुप में चिहिृत किया गया है, जिसका उद्‌देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को उन्नत करना एवं बच्चों के शैक्षिक स्तर को विकसित करना है। इसके अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में सत्र 2015&16 में 1340, सत्र 2016&17 में 3097 तथा सत्र 2017&18 में 5458 विद्यालयों को (कुल 9895 ग्रामीण आदर्श विद्यालय) एवं सत्र 2017&18 में शहरी क्षेत्र के 281 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में चिन्ह्ति कर विकसित किया जा रहा है।

अब तक कुल 9,895 ग्रामीण क्षेत्र के आदर्श विद्यालयों में से 5,590 तथा शहरी आदर्श के कुल 281 विद्यालयों में से 197 आदर्श विद्यालय विकसित हो चुके हैं। इस प्रकार कुल 5,787 आदर्श विद्यालयों को पूर्ण रूप से विकसित किया जा चुका है।

राज्य में आदर्श विद्यालयों को विकसित करने हेतु नामांकन अनुसार कक्षा कक्ष, क्रियाशील शौचालय, विद्युत कनेक्शन, इन्टरनेट, पेयजल सुविधा, खेल मैदान, आई.सी.टी. लैब विकसित की जा रही है।

आदर्श विद्यालयों की स्थापना से राज्य के नामांकन एवं परीक्षा परिणाम में वृद्धि हुई है।

आदर्श विद्यालयों में निम्नांकित कार्यों को प्रमुखता से किया जाना है :-
  1. समस्त मूलभूत सुविधाऐं जैसे – नामांकन अनुसार कक्षा कक्ष एवं भौतिक संरचना, विकसित खेल मैदान, चारदीवारी, स्वच्छ पेयजल, बालिका-बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक शौचालय एवं इन्टरनेट युक्त कम्प्यूटर लैब।
  2. गुणवतापूर्ण शिक्षा के लिए कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को विद्यार्थी केन्द्रित, सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन आधारित, गतिविधि आधारित शिक्षा पद्धति लागू की गई है।
  3. आदर्श विद्यालयों के संस्था प्रधानों को लीडरशिप का प्रशिक्षण दिया गया है।
  4. इन विद्यालयों में शिक्षकों के समस्त पद प्राथमिकता से भरे जा रहे हैं।
  5. विद्यालय विकास हेतु जनप्रतिनिधियों, सांसद व विधायक निधि, भामाषाह, दानदाताओं का सहयोग लिया जा रहा है।
  6. मूल्यांकन एवं मॉनीटरिंग के लिए कलक्टर्स एवं उपखण्ड अधिकारी, उपनिदेशक एवं जिला शिक्षा अधिकारी को विशेष उत्तरदायित्व दिया गया है।
  7. समस्त आदर्श विद्यालयों में चरणबद्ध रुप से आई.सी.टी. लैब विकसित किये जा रहे हैं।

उत्कृष्ट विद्यालय योजना

राज्य सरकार की आदर्श विद्यालय योजनान्तर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक राजकीय उच्च माध्यमिक/माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 12/10) विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, इन आदर्श विद्यालयों के मार्गदर्शन (Mentorship) में विद्यार्थियों के शैक्षिक उन्नयन के उद्‌देश्य से राज्य में प्रथम चरण में 3863 एवं द्वितीय चरण में 4976 कुल 8839 विद्यालयों (सामान्यतः कक्षा 1 से 8) को चिन्हित कर उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह विद्यालय प्रारम्भिक शिक्षा के लिए Centre of Excellence के रूप में कार्य कर रहे है।

उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना से राज्य के नामांकन एवं परीक्षा परिणाम में वृद्धि हुई है।

उत्कृष्ट विद्यालयों में निम्नांकित कार्यों को प्रमुखता से किया जाना है:-
  • समस्त मूलभूत सुविधाऐं जैसे- नामांकन अनुसार कक्षाकक्ष एवं भौतिक संरचना, खेल मैदान, चारदीवारी, स्वच्छ पेयजल, बालिका-बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक शौचालय।
  • गुणवतापूर्ण शिक्षा के लिए कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को विद्यार्थी केन्द्रित, सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन आधारित, गतिविधि आधारित शिक्षा पद्धति लागू की गई है।
  • उत्कृष्ट विद्यालयों के संस्था प्रधानों को लीडरशिप का प्रशिक्षण दिया गया है।
  • इन विद्यालयों में शिक्षकों के समस्त पद प्राथमिकता से भरे जा रहे हैं।
  • विद्यालय विकास हेतु जनप्रतिनिधियों, सांसद व विधायक निधि, भामाशाह, दानदाताओं का सहयोग लिया जा रहा है।
  • मूल्यांकन एवं मॉनीटरिंग के लिए जिला कलक्टर्स एवं उपखण्ड अधिकारी को विशेष उत्तरदायित्व दिया गया है।

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